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अफसरों की अनदेखी, खामियाजा भुगत रहे लखीमपुर खीरी के खिलाड़ी

अफसरों की अनदेखी, खामियाजा भुगत रहे लखीमपुर खीरी के खिलाड़ी

श्री न्यूज 24 
प्रांशु वर्मा

लखीमपुर खीरी

शहर से सटे जिला क्रीड़ा अधिकारी की देखरेख वाले स्टेडियम में 45 लाख की लागत से बना तरणताल शोपीस बनकर रह गया है। वजह है कि तैराकी का प्रशिक्षण देने के लिए यहां कोई कोच नियुक्त नहीं है, जिससे हैंडओवर होने के छह महीने में ही यह बंद कर दिया गया था। रखरखाव न होने और लगातार मोटर बंद रहने के कारण पाइप लाइन फट गई और फिल्टर प्लांट भी लीक करने लगा। यही वजह है कि इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। तरण ताल के बंद होने से खिलाड़ियों में मायूसी है।

जिले में तैराकी के खिलाड़ियों को तैयार करने की मंशा से 2012 और 13 में स्टेडियम में तरणताल का निर्माण कराया गया था। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड, सीतापुर के प्रोजेक्ट मैनेजर बलजीत स्वरूप की देखरेख में करीब 45 लाख रुपये की धनराशि से इसका निर्माण कराया गया। वर्ष 2014 में जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय को यह तरणताल हैंडओवर कर दिया गया। पश्चात 60 रुपये मासिक शुल्क में तैराकी के लिए पंजीकरण शुरू हुए। शुरुआत में शहर में तैराकी का शौक रखने वाले करीब 50 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराकर तैराकी का अभ्यास करना शुरू किया। कुछ महीने तो यह ठीक ठाक चला, लेकिन छह महीने भी नहीं बीते कि पाइप लाइन फट गई। इस पर तरणताल को बंद कर दिया गया। कई महीने बाद इसे चालू करने की कोशिश की गई तो पता चला मोटर खराब हो गई है और फिल्टर प्लांट भी लीक कर रहा है। इतने कम समय में ही पाइप लाइन, मोटर और फिल्टर प्लांट में खराबी आने की जानकारी डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को लगी तो उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगा। प्रोजेक्ट मैनेजर ने इसे जल्द ठीक कर चालू कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी तरणताल चालू न होने से तैराकों में मायूसी है।

तैराक बोले, तरणताल चालू हो तो निकलेंगी प्रतिभाएं
तैराकी में रुचि रखने वाले स्कूल संचालक विशाल सेठ और कारोबारी मनमीत सिंह कहते हैं कि तरणताल बनने के बाद कभी भी पूरे सप्ताह ढंग से नहीं चल सका। कुछ महीनों में ही बंद हो गया। यदि तरणताल को चालू किया जाए तो तैराकी मेें प्रतिभाएं निकलेंगी और जिले का नाम रोशन करेंगी, लेकिन इस ओर कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी तरणताल के चैनल में ताला देखकर बेहद कष्ट होता है।

प्रोजेक्ट मैनेजर बोले, पार्ट मिलते ही चालू कर दिया जाएगा
प्रोजेक्ट मैनेजर बलजीत स्वरूप का कहना है कि महीनों बंद रहने के कारण पाइप लाइन में जंग लग गई, जिससे वह फट गई और इसी वजह से फिल्टर प्लांट में लीकेज हुई और मोटर भी खराब हो गई। नियमित रूप से देखरेख होनी चाहिए, तभी तरणताल चल पाएगा। फिलहाल कुछ पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं, जिनके मिलते ही इसे चालू कर दिया जाएगा।

तरणताल की दुर्दशा की वजह है कोच का न होना
स्टेडियम में तैराकी के प्रशिक्षण के लिए कोच की नियुक्ति नहीं है। यही वजह है कि तरणताल की ढंग से देखरेख नहीं हो पा रही थी। माना जा रहा है कि कोच के न होने की वजह से भी तरणताल की दुर्दशा हो रही है।

उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है मामला, जल्द होगा चालू
जिला क्रीड़ा अधिकारी सुनील भारती का कहना है कि तरणताल में आई खराबी और कोच न होने के मामले की जानकारी डीएम सहित उच्चाधिकारियों को है। जिलाधिकारी ने इसे दुरुस्त कराने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया है। उम्मीद है कि इसे जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। साथ ही कोच की नियुक्ति की भी पूर्ण उम्मीद है।

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