कूड़े के ढेर में तब्दील हुआ राजेंद्र नगर ग्राम लाल्हापुर फैली गंदगी पर नहीं पड़ती है, जिम्मेदारो की नजर
कूड़े के ढेर में तब्दील हुआ राजेंद्र नगर ग्राम लाल्हापुर
फैली गंदगी पर नहीं पड़ती है, जिम्मेदारो की नजर
श्री न्यूज़ 24
विमलेश कुमार चौधरी
लखीमपुर खीरी
गोला गोकरन नाथ (खीरी )- प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री माननीय योगी अादित्यनाथ के स्वच्छ भारत अभियान के मंसूबों पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है गोला गोकरन नाथ में एक तरफ जहां सरकार स्वच्छता को लेकर इतना धन व्यय कर रही है तथा प्रत्येक नगर व गांव को विकसित करने के लिए पुरजोर प्रयास मे लगी है जिससे की ग्रामीणों व नगरवासियों को अच्छी सड़क व जल निकासी जैसी सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सके। वहीं दूसरी ओर मोहल्ला राजेंद्र नगर के प्रधान व अधिकारी के पास इतना भी समय नहीं है कि वे बनी नाली व सड़क को साफ सुथरा रखवा सके या फिर बजट की समस्या है कि कीड़ों व गंदगी से बिजबिजाती नालियों की नियमित सफाई करवा सके।
ताकि गॉंव में गन्दगी से होने वाली बीमारियो व मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीण सुरक्षित रह सके।
नाली व सड़क बन जाने के बाद भी अगर नियमित रूप से साफ सफाई ना किया जाना जिससे कि ग्रामीणों को नालियों की सुविधा दिए जाने से भी कोई विशेष फायदा नहीं है। अब इस घोर लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। अगर नालों की साफ सफाई नहीं हो पाती है तो फिर नाली व सड़कों पर इतना खर्च क्यों होता है। और अगर प्रधान व अधिकारियों के पास इतना समय नहीं है तो फिर वह किस काम के लिए जिम्मेदार है। आखिर क्या कारण है सरकार के द्वारा जनता के लिए इतना बड़ा सिस्टम बनाए जाने के बावजूद भी जनता को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है इन सब के पीछे जिम्मेदार कौन है क्या इसी तरीके से आम ग्रामीणों को परिस्थितियों से समझौता कर लेना चाहिए या फिर और सख्त सरकार के आने का इंतजार करना चाहिए। कब तक आम व्यक्ति को परिस्थितियों से समझौता करना पड़ेगा और कब जिम्मेदार व्यक्ति जागरूक बनेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे की यह सब सरकार के द्वारा बनाया हुआ सिस्टम सिर्फ और सिर्फ जनता के लिए है और वे जनता के सेवक हैं जनता को महत्वता दे कर अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा व ईमानदारी दिखाएंगे।
फैली गंदगी पर नहीं पड़ती है, जिम्मेदारो की नजर
श्री न्यूज़ 24
विमलेश कुमार चौधरी
लखीमपुर खीरी
गोला गोकरन नाथ (खीरी )- प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री माननीय योगी अादित्यनाथ के स्वच्छ भारत अभियान के मंसूबों पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है गोला गोकरन नाथ में एक तरफ जहां सरकार स्वच्छता को लेकर इतना धन व्यय कर रही है तथा प्रत्येक नगर व गांव को विकसित करने के लिए पुरजोर प्रयास मे लगी है जिससे की ग्रामीणों व नगरवासियों को अच्छी सड़क व जल निकासी जैसी सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सके। वहीं दूसरी ओर मोहल्ला राजेंद्र नगर के प्रधान व अधिकारी के पास इतना भी समय नहीं है कि वे बनी नाली व सड़क को साफ सुथरा रखवा सके या फिर बजट की समस्या है कि कीड़ों व गंदगी से बिजबिजाती नालियों की नियमित सफाई करवा सके।
ताकि गॉंव में गन्दगी से होने वाली बीमारियो व मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीण सुरक्षित रह सके।
नाली व सड़क बन जाने के बाद भी अगर नियमित रूप से साफ सफाई ना किया जाना जिससे कि ग्रामीणों को नालियों की सुविधा दिए जाने से भी कोई विशेष फायदा नहीं है। अब इस घोर लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। अगर नालों की साफ सफाई नहीं हो पाती है तो फिर नाली व सड़कों पर इतना खर्च क्यों होता है। और अगर प्रधान व अधिकारियों के पास इतना समय नहीं है तो फिर वह किस काम के लिए जिम्मेदार है। आखिर क्या कारण है सरकार के द्वारा जनता के लिए इतना बड़ा सिस्टम बनाए जाने के बावजूद भी जनता को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है इन सब के पीछे जिम्मेदार कौन है क्या इसी तरीके से आम ग्रामीणों को परिस्थितियों से समझौता कर लेना चाहिए या फिर और सख्त सरकार के आने का इंतजार करना चाहिए। कब तक आम व्यक्ति को परिस्थितियों से समझौता करना पड़ेगा और कब जिम्मेदार व्यक्ति जागरूक बनेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे की यह सब सरकार के द्वारा बनाया हुआ सिस्टम सिर्फ और सिर्फ जनता के लिए है और वे जनता के सेवक हैं जनता को महत्वता दे कर अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा व ईमानदारी दिखाएंगे।


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