पुलिस चौकी कुकरा के निजी चालक पर कसाइयों ने कातिलाना हमला किया
पुलिस चौकी कुकरा के निजी चालक पर कसाइयों ने कातिलाना हमला किया
ताबडतोड फायरिंग कर हमलावर पुलिस के आने से पहले फरार
इस घटना से आसपास में दहशत का माहौल बना
थानाध्यक्ष मैलानी ने मुकदमा ना लिखकर अपनी और कसाइयों की संलिप्तता का प्रमाण दिया है? जब कि प्रताडित चालक लम्बे समय से पुलिस चौकी कुकरा का जीप चालक है।
श्री न्यूज़ 24
आलोक कुमार वर्मा
गोला गोकरननाथ(खीरी)
मामला लखीमपुर खीरी जिले की थाना मैलानी की पुलिस चौकी कुकरा व ग्राम कुकरा निवासी शकील अहमद बहुत समय पहले से पुलिस चौकी कुकरा की जीप चलाता चला आ रहा है बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे पुलिस चौकी कुकरा से वापस अपने मकान पर पहुंचा तब देखा कि उनके पुत्र शकील से विपक्षी राजूशाह,इरफान शाह,बाबून शाह ,लियाकत ,इरफान आदि गाली गलौज कर रहे थे मेरे पहुचने और हस्तक्षेप करने पर विपक्षियों ने अवैध असलाहों से उनपर ताबडतोड फायरिंग की जिसमें वह जैसे तैसे बच निकले पर कातिलाना हमले से जहां शकील सहम गया, वही आसपास इलाके में दहशत का वातावरण बन गया था पुलिस चौकी कुकरा को खबर दी पर उनके आने से पहले हमलावर फरार हो गए । शकील अहमद के अनुसार थानाध्यक्ष मैलानी को अपने ऊपर कातिलाना हमला व हमलवारों को नामजद करते हुए लिखित सूचना आज वृहस्पतिवार को देकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया पर समाचार लिखे जाने तक मैलानी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।इधर इन नामजदगों की तलाश में पुलिस पहुंची पर खाली हाथ वापस लौटी। भरोसे मद सूत्रों के अनुसार प्रताड़ित अप्रत्यक्ष रुप से पुलिस का आदमी है और उसने लगभग एक दशक से अधिक साल से वह पुलिस का ही सहयोगी बना रहता रहा है कुछ समय छोडकर अधिकांश समय तक वह पुलिस चौकी कुकरा की जीप चलाता चला आ रहा है।गौरतलब हो कि जीप चालक पर हमला करने वालों मे जो नामजद करने का प्रयास किया गया है उनमें अधिकांश पर पहले ही आपराधिक मुकदमे दर्ज है कुछ को गौकसी के मामले में तलाश थी विपक्षियों को जीप चालक पर गौकसी को लेकर रंजिश भी एक कातिलाना हमले का कारण हो सकती है।
थानाध्यक्ष मैलानी पहले से गौतस्कर से तालमेल बिठाने का प्रयास का प्रमाण वह वीडियो है जिसमें गौतस्कर व उनके कारनामा का खुलासा किया था जिसमें कुछ पहले तो कुछ अब प्रकाशमय है जिनको मोटी रकम लेकर हल्की धाराओं में निपटाने का खेल जारी है जब कि पुलिस गोलीबारी की घटनाओं को छिपाने की कोशिश से आहत शकील ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने की बात कही है। फिलहाल जिम्मेदार थानाध्यक्ष का यह गैर जिमेदारना काम कि अपने सहयोगी को इंसाफ नहीं दे सके ,उसका मुकदमा नहीं लिखा,वह इधर उधर इंसाफ के लिए भटकने को विवश है।
ताबडतोड फायरिंग कर हमलावर पुलिस के आने से पहले फरार
इस घटना से आसपास में दहशत का माहौल बना
थानाध्यक्ष मैलानी ने मुकदमा ना लिखकर अपनी और कसाइयों की संलिप्तता का प्रमाण दिया है? जब कि प्रताडित चालक लम्बे समय से पुलिस चौकी कुकरा का जीप चालक है।
श्री न्यूज़ 24
आलोक कुमार वर्मा
गोला गोकरननाथ(खीरी)
मामला लखीमपुर खीरी जिले की थाना मैलानी की पुलिस चौकी कुकरा व ग्राम कुकरा निवासी शकील अहमद बहुत समय पहले से पुलिस चौकी कुकरा की जीप चलाता चला आ रहा है बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे पुलिस चौकी कुकरा से वापस अपने मकान पर पहुंचा तब देखा कि उनके पुत्र शकील से विपक्षी राजूशाह,इरफान शाह,बाबून शाह ,लियाकत ,इरफान आदि गाली गलौज कर रहे थे मेरे पहुचने और हस्तक्षेप करने पर विपक्षियों ने अवैध असलाहों से उनपर ताबडतोड फायरिंग की जिसमें वह जैसे तैसे बच निकले पर कातिलाना हमले से जहां शकील सहम गया, वही आसपास इलाके में दहशत का वातावरण बन गया था पुलिस चौकी कुकरा को खबर दी पर उनके आने से पहले हमलावर फरार हो गए । शकील अहमद के अनुसार थानाध्यक्ष मैलानी को अपने ऊपर कातिलाना हमला व हमलवारों को नामजद करते हुए लिखित सूचना आज वृहस्पतिवार को देकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया पर समाचार लिखे जाने तक मैलानी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।इधर इन नामजदगों की तलाश में पुलिस पहुंची पर खाली हाथ वापस लौटी। भरोसे मद सूत्रों के अनुसार प्रताड़ित अप्रत्यक्ष रुप से पुलिस का आदमी है और उसने लगभग एक दशक से अधिक साल से वह पुलिस का ही सहयोगी बना रहता रहा है कुछ समय छोडकर अधिकांश समय तक वह पुलिस चौकी कुकरा की जीप चलाता चला आ रहा है।गौरतलब हो कि जीप चालक पर हमला करने वालों मे जो नामजद करने का प्रयास किया गया है उनमें अधिकांश पर पहले ही आपराधिक मुकदमे दर्ज है कुछ को गौकसी के मामले में तलाश थी विपक्षियों को जीप चालक पर गौकसी को लेकर रंजिश भी एक कातिलाना हमले का कारण हो सकती है।
थानाध्यक्ष मैलानी पहले से गौतस्कर से तालमेल बिठाने का प्रयास का प्रमाण वह वीडियो है जिसमें गौतस्कर व उनके कारनामा का खुलासा किया था जिसमें कुछ पहले तो कुछ अब प्रकाशमय है जिनको मोटी रकम लेकर हल्की धाराओं में निपटाने का खेल जारी है जब कि पुलिस गोलीबारी की घटनाओं को छिपाने की कोशिश से आहत शकील ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने की बात कही है। फिलहाल जिम्मेदार थानाध्यक्ष का यह गैर जिमेदारना काम कि अपने सहयोगी को इंसाफ नहीं दे सके ,उसका मुकदमा नहीं लिखा,वह इधर उधर इंसाफ के लिए भटकने को विवश है।

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