मानव तस्करी का खुलाशा दिल्ली जा रहे तीन नेपाली नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा, परिजनों को सौंपा
मानव तस्करी का खुलासा दिल्ली जा रहे तीन नेपाली नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा, परिजनों को सौंपा
श्री न्यूज़ 24
डीपी मिश्र
पलिया कलां-खीरी
गौरीफंटा बार्डर पर कोतवाली पुलिस नेगश्त के दौरान तीन नेपालीनाबालिक बच्चे पकड़े गए। जिनको भला फुसलाकर नेपाल से भारत लाया जा रहा रहा था। शक होने पर चौकी प्रभारी द्वारा गहन पूछताछ के बाद दीपक शाही पुत्र गोपाल शाही उम्र करीब 16 वर्ष , दमन देवा पुत्र गगन देवा उम्र करीब 14 वर्ष , मदन बम पुत्र मान बहादुर बम समस्त निवासी गण सुखड़ जिला कैलाली नेपाल को उनके रिश्तेदार एक छात्रा भंडारा पुत्री जय मणि भंडारा व वसंत पोर्टल पुत्र देवी राम पोर्टल निवासी को पुलिस नेपाल के सुपुर्द किया गया।
भारत के महानगरों में नेपाली नौकरों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। इसके चलते नेपाल से मानव तस्करी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।मानव तस्करों के गिरोह का नेटवर्क नेपाल के ग्रामीणांचलों तक फैल गया है, मानव तस्करों के एजेंट नेपाल के गांवों में भोलेभाले गरीब परिवार के लड़के-लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी, अधिक पैसा दिलाने सपना दिखाकर भारत ले आते है जहां पर ऊनको बेच दिया जाता है।खरीददार इनसे हाड़तोड़ मेहनत कराते हैं।इससे परेशान होकर कुछ नेपाली किशोर दौलत के लालच मेंमहांगरों के अपराधियों के सम्पर्क में आकर जहां वह काम करते है,वहां मालिक, मालकिन की हत्यातक कर देते हैं और पैसा जेवरात लेकर भाग आते हैं।इस तरह की संगीन बारदात कर भागे कई नेपाली युवकों को मुंबई, पंजाब की पुलिस नेपाल उलिस के सहयोग से पकड़कर भी ले जा चुकी है। लेकिन मानव तस्कर गिरोह का खुलाशा अभी तक नहीं हो पाया है। इसके चलते नेपाल सेमानव तस्करी बदस्तूर जारी है।केवल लखीमपुर खीरी का बॉर्डर नहीं, वरन बिहार और उत्तराखण्ड बॉर्डर से भी मानव तस्करी निर्वाध रूप से चल रही है।सूत्रों का कहना है कि कुछ तस्कर गिरोह नेपाली लड़कियों को भारत के महानगरों में देह व्यापार के काले कारोबार में ढकेल देते हैं।
इन मानव तस्करों के कुकर्मों से देश की साख को भी बट्टा लग रहा है।अब जरूरत है भारत के महानगरों का प्रशासन और पुलिस मामव तस्करी में लगे गिरोह का भंडफोड़ कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करे। इसके अतिरिक्त नेपाल का स्थानीय प्रशासन भीगावों में जागरूकता अभियान व्हलाये, ताकि गरीब नेपाली परिवार मानव तस्करों के चुंगल में न फंसे।
श्री न्यूज़ 24
डीपी मिश्र
पलिया कलां-खीरी
गौरीफंटा बार्डर पर कोतवाली पुलिस नेगश्त के दौरान तीन नेपालीनाबालिक बच्चे पकड़े गए। जिनको भला फुसलाकर नेपाल से भारत लाया जा रहा रहा था। शक होने पर चौकी प्रभारी द्वारा गहन पूछताछ के बाद दीपक शाही पुत्र गोपाल शाही उम्र करीब 16 वर्ष , दमन देवा पुत्र गगन देवा उम्र करीब 14 वर्ष , मदन बम पुत्र मान बहादुर बम समस्त निवासी गण सुखड़ जिला कैलाली नेपाल को उनके रिश्तेदार एक छात्रा भंडारा पुत्री जय मणि भंडारा व वसंत पोर्टल पुत्र देवी राम पोर्टल निवासी को पुलिस नेपाल के सुपुर्द किया गया।
भारत के महानगरों में नेपाली नौकरों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। इसके चलते नेपाल से मानव तस्करी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।मानव तस्करों के गिरोह का नेटवर्क नेपाल के ग्रामीणांचलों तक फैल गया है, मानव तस्करों के एजेंट नेपाल के गांवों में भोलेभाले गरीब परिवार के लड़के-लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी, अधिक पैसा दिलाने सपना दिखाकर भारत ले आते है जहां पर ऊनको बेच दिया जाता है।खरीददार इनसे हाड़तोड़ मेहनत कराते हैं।इससे परेशान होकर कुछ नेपाली किशोर दौलत के लालच मेंमहांगरों के अपराधियों के सम्पर्क में आकर जहां वह काम करते है,वहां मालिक, मालकिन की हत्यातक कर देते हैं और पैसा जेवरात लेकर भाग आते हैं।इस तरह की संगीन बारदात कर भागे कई नेपाली युवकों को मुंबई, पंजाब की पुलिस नेपाल उलिस के सहयोग से पकड़कर भी ले जा चुकी है। लेकिन मानव तस्कर गिरोह का खुलाशा अभी तक नहीं हो पाया है। इसके चलते नेपाल सेमानव तस्करी बदस्तूर जारी है।केवल लखीमपुर खीरी का बॉर्डर नहीं, वरन बिहार और उत्तराखण्ड बॉर्डर से भी मानव तस्करी निर्वाध रूप से चल रही है।सूत्रों का कहना है कि कुछ तस्कर गिरोह नेपाली लड़कियों को भारत के महानगरों में देह व्यापार के काले कारोबार में ढकेल देते हैं।
इन मानव तस्करों के कुकर्मों से देश की साख को भी बट्टा लग रहा है।अब जरूरत है भारत के महानगरों का प्रशासन और पुलिस मामव तस्करी में लगे गिरोह का भंडफोड़ कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करे। इसके अतिरिक्त नेपाल का स्थानीय प्रशासन भीगावों में जागरूकता अभियान व्हलाये, ताकि गरीब नेपाली परिवार मानव तस्करों के चुंगल में न फंसे।

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