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गन्ने का पूर्ण भुगतान न होने से आहत होकर मांगी इच्छा मृत्यु

गन्ने का पूर्ण भुगतान न होने से आहत होकर मांगी इच्छा मृत्यु



श्री न्यूज़ 24
आलोक कुमार वर्मा

गोलागोकरणनाथ खीरी

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण वर्मा ने गन्ने का नियमानुसार पूर्ण भुगतान न होने से आहत होकर इच्छामृत्यु की मांग को लेकर माननीय उपजिलाधिकारी को  पत्र भेजा है।
आपको बताते चले कि श्रीकृष्ण के पिताजी सुरजन लाल पुत्र नारायण लाल ने अपने सट्टे पर चीनी मिल को आपूर्ति किये गए गन्ना का अवसेस भुगतान कराये जाने के लिए प्रार्थना पत्र उपजिलाधिकारी को दिया था जिसपर उपजिलाधिकारी महोदय ने संज्ञान लेते हुए सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव को निर्देशित किया था। सचिव ने चीनी मिल को भुगतान करने का निर्देश दिया पर आदेशो को न मानने की आदि हो चुकी गोला चीनी मिल ने किसान का मात्र 75 फीसदी ही भुगतान की जो कि आर्यावर्त बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड में काट लिया। किसान को अपने पुत्र निर्देश कुमार की BSC AG की फीस जमा करनी थी फीस न जमा हो पाने के कारण निर्देश कुमार ने आत्म हत्या करने की कोशिश की जिसमे वो घरवालों की सतर्कता के चलते बाल बाल बच गया।
वही श्री कृष्ण वर्मा ने बताया जो भी पैसा था बैंक ने ले लिया अब किसान के सामने रोजी रोटी का संकट है परिवार भूखे पेट सो रहा है उनसे अपने परिवार का यह हाल देखा नही जा रहा है इसीलिए माननीय उपजिलाधिकारी महोदय से आत्महत्या करने की अनुमति मांगी है।

अब सवाल ये है कि------?


सरकार के आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाबजूद भी क्यों नही हो रहा किसानों भुगतान?

आज किसान भुखमरी की कगार पर खड़े है इसका जिम्मेवार कौन?

श्रीकृष्ण वर्मा ने पूर्ण बकाया गन्ना भुगतान न होने के अभाव मे अपने नाराज पुत्र को 10 रूपया सैकड़ा ब्याज पर महाजन से  कर्ज लेकर फीस जमा की इसका ब्याज कौन देगा?

यदि निर्देश कुमार को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेवार कौन होता चीनी मिल या फिर समिति प्रसासन?

आखिर कब तक किसानों के बेटे फीस न जमा हो पाने के कारण बैठेंगे घर?

आखिर क्यों सरकार और अधिकारी गण अपनी ही बनाई कानून ,एक्ट , अधिनियमों एवं मा० उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन उद्योग पतियों से कराने मे लाचार हैं?

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