नेत्रहीनो की जिन्दगी मे उजाला भरने का बीणा उठाया है कमलापुर की दो बालिकाओ ने,एक दर्जन से अधिक लोग भर चुके नेत्रदान का संकल्पपत्र
नेत्रहीनो की जिन्दगी मे उजाला भरने का बीणा उठाया है कमलापुर की दो बालिकाओ ने,एक दर्जन से अधिक लोग भर चुके नेत्रदान का संकल्पपत्र
श्री न्यूज़ 24
विनय शुक्ल
कमलापुर
आँखो से सिर्फ हम ही देख सकते है बल्कि हमारे मारणोपरान्त के बाद वह किसी की जिन्दगी मे उज्जाला भी कर सकती है ऐसी ही अधापन निवारण की एक मुहिम कमलापुर कस्बे की दो बालिकाओं द्रारा चलाई जा रही है इनके द्रारा एक साल मे एक दर्जन से ऊपर लोगो को जागरूक करके मरोणोपुरान्त नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भराया गया । इस मुहिम को चलाने वाली आयूषी तिवारी व माण्डवी मिश्रा बताती है कि सबसे पहले खुद नेत्रदान का संकल्प लिया इसके बाद उन्होने आम लोगो को भी नेत्र दान के प्रति प्रेरित करने के लिये अभियान शुरू किया । शुरूआती दौर मे अधिकांश लोग नेत्रदान को लेकर सहमत नही थे लेकिन धीरे धीरे लोगो की मानसिकता मे बदलाव आने लगा और वे इस अभियान मे जुडने लगे । उनका मानना है कि नेत्रदान भी एक महादान है और लोगो को इसके लिये सभी को जागरूक होना ही होगा । की लोग मरणोपुरान्त अपने नेत्र दान करके अन्धे लोगो के जीवन मे भी प्रकास लायाने का कार्य करे । उनकी संस्था पहल फाउण्डेशन के प्रयास से अभी तक 13 लोगो ने नेत्रदान का संकल्प पत्र भर कर शपत ली है कि वे मरणोपरान्त अपने आँखे दान करेगे ।
ये लोग नहीं कर सकते
बलरामपुर के नेत्र विशेषज्ञ डाँक्टर वी के मिश्रा के मुताबिक टीबी, एड्स, टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया, डेंगू, चिकनगुनिया, सेप्टीसिमिया व तीन दिन से अधिक वेंटिलेटर पर रहने वाले का नेत्रदान संभव नहीं है। पानी में डूबकर-जलकर होने वाली मृत्यु में भी संभव नहीं है। सायनाइड जहर के सेवन करने में हुई मृत्यु में नहीं ले सकते हैं।
श्री न्यूज़ 24
विनय शुक्ल
कमलापुर
आँखो से सिर्फ हम ही देख सकते है बल्कि हमारे मारणोपरान्त के बाद वह किसी की जिन्दगी मे उज्जाला भी कर सकती है ऐसी ही अधापन निवारण की एक मुहिम कमलापुर कस्बे की दो बालिकाओं द्रारा चलाई जा रही है इनके द्रारा एक साल मे एक दर्जन से ऊपर लोगो को जागरूक करके मरोणोपुरान्त नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भराया गया । इस मुहिम को चलाने वाली आयूषी तिवारी व माण्डवी मिश्रा बताती है कि सबसे पहले खुद नेत्रदान का संकल्प लिया इसके बाद उन्होने आम लोगो को भी नेत्र दान के प्रति प्रेरित करने के लिये अभियान शुरू किया । शुरूआती दौर मे अधिकांश लोग नेत्रदान को लेकर सहमत नही थे लेकिन धीरे धीरे लोगो की मानसिकता मे बदलाव आने लगा और वे इस अभियान मे जुडने लगे । उनका मानना है कि नेत्रदान भी एक महादान है और लोगो को इसके लिये सभी को जागरूक होना ही होगा । की लोग मरणोपुरान्त अपने नेत्र दान करके अन्धे लोगो के जीवन मे भी प्रकास लायाने का कार्य करे । उनकी संस्था पहल फाउण्डेशन के प्रयास से अभी तक 13 लोगो ने नेत्रदान का संकल्प पत्र भर कर शपत ली है कि वे मरणोपरान्त अपने आँखे दान करेगे ।
ये लोग नहीं कर सकते
बलरामपुर के नेत्र विशेषज्ञ डाँक्टर वी के मिश्रा के मुताबिक टीबी, एड्स, टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया, डेंगू, चिकनगुनिया, सेप्टीसिमिया व तीन दिन से अधिक वेंटिलेटर पर रहने वाले का नेत्रदान संभव नहीं है। पानी में डूबकर-जलकर होने वाली मृत्यु में भी संभव नहीं है। सायनाइड जहर के सेवन करने में हुई मृत्यु में नहीं ले सकते हैं।

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