बेखौफ होकर खनन कर रहे खनन माफिया कवरेज करने गए पत्रकार पर की हमले की कोशिश
बेखौफ होकर खनन कर रहे खनन माफिया कवरेज करने गए पत्रकार पर की हमले की कोशिश
श्री न्यूज़ 24
आलोक कुमार वर्मा
सरकार की खनन को रोकने की तमाम कोशिशे बेकार
खनन माफियाओं ने की पत्रकार पर हमले की कोशिश
जिम्मेवार एवम प्रसासन के कानों पर नही रेंगती जू
उपजाऊ जमीन हो रही बंजरसड़को को कर रहे बर्बाद
हो रही राजस्व की चोरी
परमिट कृषि कार्य का कर रहे खनन
लखीमपुर
गोला और लखीमपुर तहसील के कोटवारा रसूलपुर आदि स्थानों पर खुलेआम दिन रात खनन माफियो द्वारा पीली बालू का खनन किया जा रहा है । लेखपाल से लेकर तहसील के जिम्मेदार अधिकारियो के मिली भगत के कारण खनन माफियो द्वारा दिन रात बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है ।इसी संबंध में जब पत्रकार खनन की कवरेज करने गया तो इन बेखौफ माफियाओं ने पत्रकार पर ही हमले की कोशिश कर डाली। जिससे खनन माफियो के खिलाफ कोई पत्रकार भी आवाज न उठाये।
खनन की जानकारी जब संबंधित थाने को दी गयी तो संबंधित टालमटोल करते नज़र आये। न तो उन्होंने मौके पर आने की जरूरत समझी न ही किसी प्रकार की कार्यवाही करने की आवश्यकता समझी।कोटवारा पर किसानो की जमीन जिस तरह से खनन होने के कारण बंजर हो रही है और राजस्व का लाखो रूपयो का नुकसान हो रहा है इससे ये साबित हो रहा है कि खनन माफियो पर प्रसासनिक संरक्षण है जिससे जिम्मेदार अधिकारियो के भी हाथ पाॅव बंधे हुए है एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिलो के जिलाधिकारियो को सख्त हिदायत देते है कि जिस जिले मे अवैध खनन होगा वहाॅ के जिम्मेदार अधिकारियो पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी वही गोला के तहसील कोटवारा और लक्ष्मण जति में दिन रात अवैध खनन करने वाले दबंगो मे न तो प्रदेश सरकार के हुक्म का कोई डर है और न ही जिले के जिम्मेदार जिलाधिकारी का।कुछ ग्रामीणो ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि खनन माफिया आ के बताते है कि जिले मे किसी अधिकारी के अन्दर इतनी हिम्मत नही है कि मेरी गाड़ी कोई रोक ले लगातार हो रहे अवैध खनन से आसपास के किसानो की भी जमीन बंजर हो रही है लेकिन ये किसान अपनी फरियाद लेकर जाये कहाॅ जब कहीं कोई सुनने वाला व अवैध खनन पर रोक लगाने वाला नही है जिससे खनन माफियो के हौसले पूरी तरह से बुलन्द है ग्रामीणो द्वारा बताया गया है कि अवैध खनन अगर जिले के अधिकारियो द्वारा बन्द नही कराया गया तो प्रदेश के योगी जी से मिलकर अवैध खनन रोकवाने के लिए फरियाद किया जायेगा।
अब सवाल ये ही कि————-?
सूचना मिलने के बाद भी संबंधित थाने से क्यों नही आया कोई पुलिसकर्मी?
कही खनन में पुलिस कर्मी भी तो संलिप्त नही?
कई बार संबंधित थाने को सूचना देने पर भी क्यों नही पहुचे साहब?
कही नोटो की चमक के आगे खाकी बेबस तो नही?
क्या खनन में लगे वाहनों का व्यबसायिक परमिट है?
यदि नही तो क्यों?
लाखो की राजस्व चोरी का जिम्मेवार कौन?
बेखौफ होकर फर्राटा भरते इन वाहनों पर जिम्मेवारों की नज़र क्यों नही?
सिर्फ नियमो को तोड़ने वाले छोटे वाहन चालक ही क्यों दिखते है पुलिस को?
इन माफियाओं ओर कार्यवाही क्यों नही?
आये दिन होते है इन बेकाबू खनन माफियाओं के वाहनों से हादसे इसका जिम्मेवार कौन?
नो एंट्री में भी बेखौफ होकर फर्राटा भरते है ये खनन माफिया इसका जिम्मेवार कौन?
आखिर कौन करेगा इन पर कार्यवाही?
जिम्मेवार कही नोटो की चमक के आगे तो नही बने मूकदर्शक?
श्री न्यूज़ 24
आलोक कुमार वर्मा
सरकार की खनन को रोकने की तमाम कोशिशे बेकार
खनन माफियाओं ने की पत्रकार पर हमले की कोशिश
जिम्मेवार एवम प्रसासन के कानों पर नही रेंगती जू
उपजाऊ जमीन हो रही बंजरसड़को को कर रहे बर्बाद
हो रही राजस्व की चोरी
परमिट कृषि कार्य का कर रहे खनन
लखीमपुर
गोला और लखीमपुर तहसील के कोटवारा रसूलपुर आदि स्थानों पर खुलेआम दिन रात खनन माफियो द्वारा पीली बालू का खनन किया जा रहा है । लेखपाल से लेकर तहसील के जिम्मेदार अधिकारियो के मिली भगत के कारण खनन माफियो द्वारा दिन रात बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है ।इसी संबंध में जब पत्रकार खनन की कवरेज करने गया तो इन बेखौफ माफियाओं ने पत्रकार पर ही हमले की कोशिश कर डाली। जिससे खनन माफियो के खिलाफ कोई पत्रकार भी आवाज न उठाये।
खनन की जानकारी जब संबंधित थाने को दी गयी तो संबंधित टालमटोल करते नज़र आये। न तो उन्होंने मौके पर आने की जरूरत समझी न ही किसी प्रकार की कार्यवाही करने की आवश्यकता समझी।कोटवारा पर किसानो की जमीन जिस तरह से खनन होने के कारण बंजर हो रही है और राजस्व का लाखो रूपयो का नुकसान हो रहा है इससे ये साबित हो रहा है कि खनन माफियो पर प्रसासनिक संरक्षण है जिससे जिम्मेदार अधिकारियो के भी हाथ पाॅव बंधे हुए है एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिलो के जिलाधिकारियो को सख्त हिदायत देते है कि जिस जिले मे अवैध खनन होगा वहाॅ के जिम्मेदार अधिकारियो पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी वही गोला के तहसील कोटवारा और लक्ष्मण जति में दिन रात अवैध खनन करने वाले दबंगो मे न तो प्रदेश सरकार के हुक्म का कोई डर है और न ही जिले के जिम्मेदार जिलाधिकारी का।कुछ ग्रामीणो ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि खनन माफिया आ के बताते है कि जिले मे किसी अधिकारी के अन्दर इतनी हिम्मत नही है कि मेरी गाड़ी कोई रोक ले लगातार हो रहे अवैध खनन से आसपास के किसानो की भी जमीन बंजर हो रही है लेकिन ये किसान अपनी फरियाद लेकर जाये कहाॅ जब कहीं कोई सुनने वाला व अवैध खनन पर रोक लगाने वाला नही है जिससे खनन माफियो के हौसले पूरी तरह से बुलन्द है ग्रामीणो द्वारा बताया गया है कि अवैध खनन अगर जिले के अधिकारियो द्वारा बन्द नही कराया गया तो प्रदेश के योगी जी से मिलकर अवैध खनन रोकवाने के लिए फरियाद किया जायेगा।
अब सवाल ये ही कि————-?
सूचना मिलने के बाद भी संबंधित थाने से क्यों नही आया कोई पुलिसकर्मी?
कही खनन में पुलिस कर्मी भी तो संलिप्त नही?
कई बार संबंधित थाने को सूचना देने पर भी क्यों नही पहुचे साहब?
कही नोटो की चमक के आगे खाकी बेबस तो नही?
क्या खनन में लगे वाहनों का व्यबसायिक परमिट है?
यदि नही तो क्यों?
लाखो की राजस्व चोरी का जिम्मेवार कौन?
बेखौफ होकर फर्राटा भरते इन वाहनों पर जिम्मेवारों की नज़र क्यों नही?
सिर्फ नियमो को तोड़ने वाले छोटे वाहन चालक ही क्यों दिखते है पुलिस को?
इन माफियाओं ओर कार्यवाही क्यों नही?
आये दिन होते है इन बेकाबू खनन माफियाओं के वाहनों से हादसे इसका जिम्मेवार कौन?
नो एंट्री में भी बेखौफ होकर फर्राटा भरते है ये खनन माफिया इसका जिम्मेवार कौन?
आखिर कौन करेगा इन पर कार्यवाही?
जिम्मेवार कही नोटो की चमक के आगे तो नही बने मूकदर्शक?

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